इस्तेमाल कैसे करें
- टैक्स से पहले की अपनी कुल सालाना आय डालें।
- सैलरी या पेंशन मिलती है तो "नौकरीपेशा" पर टिक रहने दें।
- अपना उम्र वर्ग चुनें।
- अपनी छूट (डिडक्शन) डालें — ये सिर्फ़ पुराने रिजीम में गिनी जाती हैं।
- दोनों रिजीम में टैक्स और कौन-सा बेहतर है, देखें।
फ़ॉर्मूला
नया रिजीम: ₹4 लाख तक शून्य · ₹4–8 लाख 5% · ₹8–12 लाख 10% · ₹12–16 लाख 15% · ₹16–20 लाख 20% · ₹20–24 लाख 25% · ₹24 लाख से ऊपर 30%। स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹75,000, और ₹12 लाख तक की टैक्स योग्य आय पर कोई टैक्स नहीं (87A छूट, मार्जिनल रिलीफ़ के साथ)।
पुराना रिजीम: ₹2.5 लाख तक शून्य (60+ पर ₹3 लाख, 80+ पर ₹5 लाख) · ₹5 लाख तक 5% · ₹5–10 लाख 20% · ₹10 लाख से ऊपर 30%। स्टैंडर्ड डिडक्शन ₹50,000, और टैक्स योग्य आय ₹5 लाख या कम हो तो ₹12,500 तक की छूट।
सरचार्ज ₹50 लाख से ऊपर (10%), ₹1 करोड़ (15%), ₹2 करोड़ (25%) और ₹5 करोड़ (पुराने रिजीम में 37%; नए में अधिकतम 25%), मार्जिनल रिलीफ़ के साथ। हेल्थ व एजुकेशन सेस: 4%।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ₹12 लाख तक की आय टैक्स-फ़्री है?
हाँ, नए रिजीम में। 87A छूट की वजह से ₹12 लाख तक की टैक्स योग्य आय पर कोई टैक्स नहीं है। नौकरीपेशा लोगों के लिए ₹75,000 के स्टैंडर्ड डिडक्शन से ₹12.75 लाख तक की सैलरी टैक्स-फ़्री हो जाती है।
कौन-सा रिजीम चुनें?
ज़्यादातर लोगों के लिए नया रिजीम बेहतर है, जब तक उनकी छूट बहुत ज़्यादा न हो — आमतौर पर 80C, 80D, HRA और होम लोन ब्याज मिलाकर सालाना ₹4–5 लाख से ज़्यादा। कैलकुलेटर दोनों की तुलना आपके लिए कर देता है।
क्या इसमें कैपिटल गेन शामिल है?
नहीं। शेयर, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी के कैपिटल गेन पर अलग दरों से टैक्स लगता है। यह कैलकुलेटर सैलरी, पेंशन, ब्याज और किराए जैसी सामान्य आय के लिए है, और मानकर चलता है कि आप भारत के निवासी हैं।