इस्तेमाल कैसे करें
- "CGPA से प्रतिशत" या "प्रतिशत से CGPA" चुनें।
- अपना CGPA (10 तक) या प्रतिशत डालें।
- फ़ॉर्मूला चुनें: CBSE (× 9.5), सीधा × 10, VTU की पुरानी स्कीम, या अपना गुणक।
- नीचे नतीजा और उसका हिसाब पढ़ें।
फ़ॉर्मूला
CBSE: प्रतिशत = CGPA × 9.5, यानी CGPA = प्रतिशत ÷ 9.5। सीधा तरीक़ा: प्रतिशत = CGPA × 10। VTU की पुरानी स्कीम: प्रतिशत = (CGPA − 0.75) × 10। उदाहरण: CBSE में CGPA 8.2 यानी 8.2 × 9.5 = 77.9%।
टिप्स और आम इस्तेमाल
CBSE कक्षा 10 के ग्रेड पॉइंट
CBSE आम तौर पर ये ग्रेड पॉइंट देता है: A1 (91–100) = 10, A2 (81–90) = 9, B1 (71–80) = 8, B2 (61–70) = 7, C1 (51–60) = 6, C2 (41–50) = 5 और D (33–40) = 4। CGPA आम तौर पर पाँच मुख्य विषयों से निकाला जाता है। अपने साल का सही नियम अपनी रिज़ल्ट शीट में देखें।
फ़ॉर्म में चाहिए प्रतिशत
कई एडमिशन और नौकरी के फ़ॉर्म प्रतिशत माँगते हैं, भले ही आपके बोर्ड ने CGPA दिया हो। वही फ़ॉर्मूला इस्तेमाल करें जो फ़ॉर्म या आपकी संस्था बताए। कुछ न बताया हो, तो CBSE के छात्र आम तौर पर 9.5 और यूनिवर्सिटी के छात्र अक्सर 10 इस्तेमाल करते हैं।
बदलाव का सबूत रखें
अगर फ़ॉर्म प्रतिशत माँगे, तो अपनी अंक तालिका (मार्कशीट) साथ लगाएँ। ज़रूरी मामलों में अपने बोर्ड या यूनिवर्सिटी से समतुल्यता प्रमाणपत्र लें, क्योंकि ऑनलाइन अंदाज़ा कोई आधिकारिक दस्तावेज़ नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
CBSE CGPA को प्रतिशत में कैसे बदलें?
अपने CGPA को 9.5 से गुणा करें। जैसे 9.2 × 9.5 = 87.4%। CBSE कक्षा 10 के लिए आम तौर पर यही तरीक़ा अपनाया जाता है।
प्रतिशत को CGPA में कैसे बदलें?
CBSE के लिए प्रतिशत को 9.5 से भाग दें। जैसे 85% ÷ 9.5 = 8.95 CGPA।
क्या 9.5 वाला गुणक आधिकारिक है?
यह CBSE का बहुत इस्तेमाल होने वाला तरीक़ा है, पर प्रतिशत का अंदाज़ा लगाने की एक परंपरा है। कॉलेज, नियोक्ता और यूनिवर्सिटी अपना तरीक़ा या अंकपत्र माँग सकते हैं, इसलिए जो फ़ॉर्म भर रहे हैं उसकी शर्त देखें।
मेरी यूनिवर्सिटी के लिए कौन सा फ़ॉर्मूला लगाऊँ?
यूनिवर्सिटी अलग-अलग होती हैं। कई CGPA × 10 इस्तेमाल करती हैं, कुछ का अपना फ़ॉर्मूला है (जैसे VTU पुरानी स्कीम में (CGPA − 0.75) × 10)। सबसे सुरक्षित जवाब आपके अंकपत्र पर छपा प्रतिशत-समतुल्य या यूनिवर्सिटी का समतुल्यता प्रमाणपत्र है।
क्या यह नतीजा आधिकारिक प्रतिशत है?
नहीं, यह अंदाज़ा है। एडमिशन, नौकरी या वीज़ा में जहाँ सही प्रतिशत मायने रखता है, वहाँ अपने बोर्ड या यूनिवर्सिटी से आधिकारिक समतुल्यता प्रमाणपत्र लें।